1️⃣ टाइटल (Ownership) क्लियर हो
सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि प्रॉपर्टी का Clear Title हो। Seller ही असली मालिक हो और उस पर किसी भी तरह का विवाद, मुक़दमा या दावा (Legal Dispute) लंबित न हो।
2️⃣ Sale Deed का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
प्रॉपर्टी ख़रीदने के बाद Sale Deed को सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में रजिस्टर कराना ज़रूरी है। बिना रजिस्ट्रेशन के प्रॉपर्टी पर क़ानूनी अधिकार नहीं मिलता।
3️⃣ Encumbrance (कर्ज़/बोझ) की जाँच करें
यह ज़रूर चेक करें कि प्रॉपर्टी पर कोई लोन, बंधक (Mortgage), कोर्ट केस या सरकारी बकाया तो नहीं है। इसके लिए Encumbrance Certificate (EC) लेना चाहिए।
4️⃣ सरकारी अनुमतियाँ और नक्शा पास होना चाहिए
प्रॉपर्टी का लेआउट और बिल्डिंग प्लान संबंधित विकास प्राधिकरण (GDA, DDA, GMDA आदि) से स्वीकृत होना चाहिए। अवैध निर्माण भविष्य में सील या गिराया जा सकता है।
5️⃣ स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क पूरा चुकाएँ
राज्य सरकार द्वारा तय Stamp Duty और Registration Charges का सही भुगतान बहुत ज़रूरी है। कम स्टाम्प ड्यूटी पर किया गया एग्रीमेंट क़ानूनी रूप से कमजोर माना जाता है।
🔹 Legal Tip:
प्रॉपर्टी डील फ़ाइनल करने से पहले सभी दस्तावेज़ किसी अनुभवी वकील से ज़रूर जाँच (Legal Due Diligence) कराएँ। Advocate- Sarita Sharma # 8076496916
